Skip to main content

टीबी (क्षय रोग) में क्या खाना चाहिए क्या नहीं खाना चाहिए – टीबी में भोजन 🌹 *By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब🌹 राम राम जी* 🌹🙏🙏🌹टीबी, Tuberculosis, क्षय और तपेदिक ये सभी एक ही रोग के नाम है | टीबी एक संक्रामक बीमारी है यानि छूत की बीमारी है। पहले टीबी लाइलाज बीमारी मानी जाती थी, लेकिन अब इलाज से यह पूरी तरह ठीक हो जाती है। क्षय रोग मुख्य रूप से फेफड़ों का होता है, लेकिन शरीर के अन्य अंगों में भी क्षय रोग हो सकता है। टीबी का इन्फेक्शन माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नाम के बैक्टीरिया के जरिए होता है। लगातार और लंबे समय ( करीब छह महीने से एक साल) तक एंटी बायोटिक्स के सेवन से इस बीमारी पर काबू पाया जाता है। टीबी रोग में शुरू में कमजोरी महसूस होती है, फिर भूख घटती जाती है। फिर खांसी, कफ और बुखार भी हो जाते हैं। सिरदर्द, जुकाम और अन्य छोटी बीमारियां भी आक्रमण करने लगती हैं। बाद में कफ के साथ खून भी आने लगता है। कमजोरी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। टीबी की बीमारी में लंबे समय तक दवाइयों के साथ-साथ अच्छी खुराक भी जरूरी होती है। टीबी मे आहार की अहमियत इस बात से समझी जा सकती है की इस बीमारी में मौतों का मुख्य कारण मरीजों को उचित पोषक आहार न मिल पाना भी होता है। टीबी में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होनी बहुत जरूरी होती है और ऐसा सही पोषक भोजन से ही हो सकता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने से बीमारी पर पूरी तरह काबू पाने में मदद मिलती है। टीबी के मरीजों को अपनी डायट का विशेष ध्यान रखना चाहिए इस बीमारी में शरीर को यदि जरूरी खुराक न दी जाए तो एक तो बीमारी को पूरी तरह ठीक होने में बहुत समय लगता है और दूसरे, बीमारी के फिर से पनपने का भी खतरा रहता है।इसे दूसरी तरह यूं भी कहा जा सकता है कि यदि शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व मिलते रहें तो शरीर में टीबी होने का खतरा भी जाता रहता है यानी शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व देकर टीबी से लड़ा जा सकता है। यदि आप टी.बी का उपचार ले रहे है तो अपने खानपान में बदलाव करने से पहले अपने चिकित्सक से सलाह जरुर लें | टीबी के रोगी को क्या खाना चाहिए :Tuberculosis tb me kya na khaye parhej टीबी (क्षय रोग) में क्या खाना चाहिए क्या नहीं खाना चाहिएटीबी मे आहारक्षय रोग में मरीज का खाना हलका, आसानी से पचने वाला तथा अधिक पौष्टिक होना चाहिए।टीबी के रोगी को सब्जी में प्याज, करेला, लहसुन, खीरा, टमाटर, आलू, फूल गोभी,मटर,पालक, लौकी, पालक खाएं। आइये अब विस्तार से जानते है टीबी रोगी की आहार तालिका |मक्खन, मिश्री में मिलाकर सुबह-शाम सेवन करें।नये रोग में एक गिलास गर्म दूध सुबह-शाम पिएं। और टोंड दूध पियें |पुराने चावल, मूंग की दाल, सूजी की रोटी, अरारोट, बाली, जौ आदि नियमित रूप से खाएं।फलों में अंगूर, मीठा संतरा, आंवला, अनार, मीठा आम, केला, सेब, नींबू, नारियल सेवन करें।कमजोरी में शहद, मुनक्का, अखरोट, खजूर, गाजर खाएं।हरी पत्तेदार और फली वाली सब्जियां : टीबी के रोगी को अपने भोजन में पालक और इसी के जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां अपने भोजन में जरूर शामिल करनी चाहिए। इससे शरीर को आयरन और विटामिन बी की अच्छी मात्रा मिलती है। इसी के साथ सेम, मटर और अन्य फली वाली सब्जियां भी बहुत फायदेमंद होती हैं। उपाय : कच्ची लौकी को कद्दूकस कर लें। फिर इसे आंच पर बस एक उबाल तक पकाएं। इसके बाद इसमें शक्कर मिलाकर खाएं।फलों में शरीफा और बेरी का सेवन करें : टीबी के दौरान रोगी के शरीर में रोजाना फलों की कम-से-कम दो कप मात्रा शरीर में जरूर जानी चाहिए। फलों के बीच भी कस्टर्ड एप्पल (श्रीफल या शरीफा) और स्ट्रॉबेरी विशेष रूप से फायदेमंद हैं। टीबी बीमारी में कस्टर्ड एप्पल को खाने का तरीका कुछ अलग है। इसमें शरीफा के गूदे को पानी में उबालते हैं और फिर ठंडा करके इसका सेवन करते हैं। रोजाना ऐसा करने से काफी लाभ होता है। सभी तरह की बेरी का सेवन टीबी में अच्छा रहता है। बेरी में पोटेशियम, विटामिन और अन्य जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जो बीमारी के खिलाफ लड़ते हैं।साबुत अनाज प्रचुर मात्रा में लें : क्षय रोग में खान पान के डाइट चार्ट के अनुसार रोगी को साबुत अनाज ज्यादा खाना चाहिए। इसके तहत ओटमील (जौ और अन्य अनाजों का दलिया), ज्वार, बाजरा, विभिन्न अनाजों के आटे को मिलाकर बनाई गई रोटियां, होल व्हीट, ब्राउन राइस आदि आते हैं।चिकनाई में जैतून का तेल चुनें : जब चिकनाई यानी तैलीय पदार्थ खाने की बात आती है तो टीबी के रोगी को मक्खन, घी जैसे सेचुरेटिड फैट के बजाय जैतून के तेल जैसे अनसेचुरेटिड फैट का चुनाव करना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि इस तेल में अच्छी वाली फैट होती है। हालाँकि जैतून का तेल उपलब्ध ना होने पर सामान्य घी का भी प्रयोग किया जा सकता है |ओमेगा-3 फैटी एसिड के सेवन पर जोर दें : यह भी अच्छी वाली फैट होती है, जो मछली और उसके तेल, अलसी और उसके तेल, सरसों के तेल, सभी नट्स, जैसे बादाम, अखरोट, काजू, पिस्ता, मूंगफली आदि में पाई जाती है। उपाय : थोड़ी अखरोट की गिरी लें। दो-तीन कलियां लहसुन की लें। दोनों को मिलाकर पीस लें। इस मिश्रण को देसी घी में भूनकर खाएं। ऐसा रोज करें।प्रोटीन: टीबी के दौरान कमजोर शरीर को प्रोटीन देना बहुत जरूरी हो जाता है। इसलिए प्रोटीन के धनी पदार्थ अपने भोजन में शामिल करें। प्रोटीन के लिए मछली, पनीर, दालें, उबले अंडे, सोया और मांस, भी खाएं | अंडा और टीबी को लेकर भी कई लोगो में शंका बनी रहती है लेकिन अगर आप मांसाहारी है और नॉन वेज खाना खाते है तो टीबी रोग में उबला अंडा खा सकते है यह प्रोटीन का अच्छा स्रोत है |टीबी में अंगूर को भी बहुत लाभदायक होता है। रोजाना करीब एक पाव अंगूर खाने से बहुत लाभ होता है।सेब का मुरब्बा रोज खाने से भी टीबी के रोगी को लाभ मिलेगा।बेर या बेरियों को सीधा न खाकर इनका गूदा कुचलकर पानी में उबालें और फिर उसमें शक्कर डालकर खाएं।विशेषज्ञों के अनुसार, यदि केले के तने का रस निकालकर और छानकर 40 दिन तक रोजाना एक कप पिया जाए तो टीबी रोगी को बहुत लाभ होता है।टीबी में लहसुन का सेवन भी बहुत लाभकारी है। यदि एक महीने तक लहसुन की दो-तीन कलियां रोज सुबह कच्ची ही चबा ली जाएं तो रोग शरीर से पूरी तरह निकल जाएगा। जानिए – लहसुन खाने के फायदे और 14 बेहतरीन औषधीय गुणरोजाना लहसुन के रस के साथ शहद मिलाकर चाटने से भी लाभ होगा।दूध को पीने से पहले चार-पांच कलियां लहसुन डालकर उबालें। उबलने के बाद दूध को छानकर पीएं।टीबी रोग में खानपान के ये विशेष उपाय भी करें :रोजाना दूध के साथ गुलकंद खाएं।विटामिन डी के लिए टीबी रोगी को धूप में जरुर बैठना चाहिए |दूध में बकरी का दूध विशेष लाभ देगा। रोजाना आधा लीटर बकरी के दूध में आधा चम्मच सौंठ डालकर और गर्म करके पीएं।चार-एक के अनुपात में मक्खन और शहद लें और दोनों को मिलाकर रोज सुबह खाएं। घी नहीं मक्खन होना चाहिए |रोजाना कच्चा नारियल खाने से भी टीबी रोगी को लाभ होता है।एक पाव बकरी का दूध लें। लहसुन की चटनी बना लें। थोड़ा-सा नारियल कस लें। अब तीनों को मिलाकर इनका हलवा बनाएं और सेवन करें।खजूर, छुहारे, नारियल का रोजाना सेवन करें।पानी आर.ओ से फ़िल्टर किया हुआ या उबला हुआ ही पियें | भारी मेटल वाला कुँए, नदी या हैण्ड पंप से निकला हुआ पानी सीधे ना पिएटीबी में क्या नहीं खाना चाहिए : क्षय रोग में परहेजटीबी में ऐसा भोजन नहीं होना चाहिए, जो मुश्किल से पचे, क्योंकि ऐसा भोजन एसोडिटी पैदा कर सकता है और श्वसन-तंत्र की गड़बड़ी को और बढ़ा सकता है।तंबाकू का सेवन (बीड़ी, सिगरेट, हुक्का, गुटखा आदि) हानिकारक होगा।शराब का सेवन नुकसान करेगा। टीबी के इलाज के लिए ली जाने वाली कुछ दवाइयों से शराब पीने की स्थिति में लिवर को नुकसान की आशंका बहुत बढ़ जाती है। याद रखें शराब का सेवन जानलेवा होगा यदि आप टी.बी के इलाज के दौरान शराब पियेंगे तो |चाय, कॉफी और कैफीन वाले अन्य पदार्थों का सेवन भी कम-से-कम करें।रिफाइंड उत्पादों का सेवन भी कम-से-कम करें। इनमें चीनी, पास्ता, सफेद ब्रेड,पीज्जा, बर्गर, मैगी और सफेद चावल विशेष रूप से शामिल हैं। यह भी पढ़ें – T.B के कारण, लक्षण, प्रकार और बचाव की जानकारीहाई फैट, हाई कोलेस्ट्रॉल वाले रेड मीट जैसे भोजन से परेहज करें।ठंडे, चटपटे, तले भुने तेल में फ्राई किये गए पदार्थ न खाएं। ज्यादा मिर्च-मसालेदार आहार भी न खाएं।बासी अन्न और साग-सब्जी का सेवन न करें।अचार, खटाई, तेल, घी का अधिक सेवन करने से बचें। सिर्फ सयंमित मात्रा में ही लें |टीबी या क्षय रोग इन बातों का भी जरुर रखें ख्याल :टीबी को दूर करने वाली कुछ दवाइयों को खाने से भूख में कमी आती है, जी मिचला सकता है और पेट में भी दर्द होता है। आखों से देखने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है। इन साइड इफेक्ट से घबराकर दवाई बिल्कुल न छोड़ें। इसके बजाय इन सारे या किसी एक दुष्प्रभाव के बारे में अपने डॉक्टर को बताएं।पौष्टिक भोजन किसी भी प्रकार से न छोड़ें। जिस प्रकार भी आपको अच्छा लगे, शरीर को भरपूर खुराक दें। एक बार में ज्यादा न खाकर कई-कई बार थोड़ा-थोड़ा खाएं, जिससे भूख कम लगने पर भी जरूरी पोषक तत्व शरीर में जाते रहें। दो भोजन के बीच में ज्यादा कैलोरी वाले प्रोटीन शेक का इस्तेमाल करें। पेट ठीक महसूस न हो रहा हो तो पुदीना या अदरक की चाय पीएं।रोज सुबह के समय नंगे पांव घास पर टहलें। बीमारी की हालत में स्कूल या ऑफिस न जाएं।खांसते या छींकते समय मुंह पर रुमाल रखें। हवादार और अलग कमरे में लेटें। सूरज की रोशनी टीबी के मरीज के लिए बहुत जरुरी होती है |अपने डॉक्टर से टीबी के दौरान बरती जाने वाली अन्य सावधानियों के बारे में पूछे और उन पर अमल करें, ताकि आपके जरिए दूसरे लोग इस बीमारी की चपेट में न आने पाएं।टीबी रोगियों के कुछ आम सवाल और उनके जवाबसवाल : क्या टीबी के हर रोगी से रोग दूसरों में फैल सकता है?जवाब : नहीं। टीबी फैलने का डर सिर्फ उन रोगियों से होता है जिनके फेफड़े में टीबी से बड़े-बड़े जख्म बन जाते हैं और असंख्य टीबी बैक्टीरिया इन जख्मों में पनप रहे होते हैं। रोगी के खांसने, छींकने, थूकने, सांस छोड़ने पर ये बैक्टीरिया हवा में फैल जाते हैं और दूसरों के फेफड़ों में पहुंच रोग पैदा कर सकते हैं।सवाल : दवा शुरू करने के कितने दिन बाद टीबी के रोगी से टीबी फैलने का डर खत्म हो जाता है?जवाब : दवा शुरू करने के 72 घंटों के भीतर ही रोगी के फेफड़े में पल रहे। माइकोबैक्टीरिया तेजी से मरने लगते हैं। तीन हफ्ते बीतते-बीतते शरीर के भीतर माइकोबैक्टीरिया की आबादी इतनी कम रह जाती है। कि टी.बी फैलने का खतरा बिल्कुल खत्म हो जाता है। सवाल : टी.बी का पूरा इलाज लेने के बाद भी क्या यह रोग फिर से हो सकता है?जवाब : टी.बी के फिर से होने की आशंका उन्हीं लोगों में अधिक होती है जो इलाज बीच में छोड़ देते हैं। इलाज पूरा लिया जाए तो टी.बी की रिलेप्स दर 2 प्रतिशत से भी कम है। यह पुनरावृत्ति अगर हो तो इसकी सबसे अधिक संभावना इलाज पूरा होने के पहले या दूसरे साल में होती है।सवाल : टी.बी-रोधक रिफेम्पिसिन दवा सुबह-सुबह खाली पेट लेना क्यों जरूरी है?जवाब : सुबह-सुबह खाली पेट लेने से रिफेम्पिसिन आंतों से बेहतर जज्ब होती है, खून में यह पूरी उपयुक्त मात्रा में पहुंचती है और रोगी को उसका पूरा लाभ मिलता है। नतीजतन यह पूरे जोर-शोर से शरीर में छुपे टीबी बैक्टीरिया का सफाया कर पाती है। टीबी पर जीत हासिल करने के लिए इसीलिए इस डॉक्टरी सलाह का पालन करने में ही समझदारी है।सवाल : एम.डी.आर टी.बी क्या है?जवाब : मनुष्य में फैलते-फैलते टी.बी-कारक माइकोबैक्टीरिया की कई ऐसी नई नस्लें उपज आयी हैं जिनकी संरचना साधारण माइकोबैक्टीरिया की बनावट से अलग है। उन पर सामान्य टीबी-रोधक दवाएं असर नहीं कर पातीं। ऐसे माइकोबैक्टीरिया से उपजी टीबी मल्टी-ड्रग रजिस्टेंट होती है, जिसे संक्षेप में एमडीआर टीबी कहते हैं।सवाल : टी.बी-रोधक आईएनएच दवा के साथ विटामिन बी, की गोली लेना क्यों जरूरी है?जवाब : आईएनएच (आइसोनायजिड) लेने से शरीर में विटामिन बी की कमी आ जाती है। रोजाना विटामिन बी उर्फ पिरीडॉक्सिन की गोली लेने से इस कमी की भरपाई होती रहती है और शरीर स्वस्थ रहता है। चोकर वाला आटा, भूसी वाले चावल, अंकुरित दालें, सब्जियाँ और गोश्त भी विटामिन बी के अच्छे स्रोत हैं, जिनके नियमित सेवन से यह पूर्ति की जा सकती है।अन्य सम्बंधित पोस्टटीबी की बीमारी में भोजन : जानिए लाभदायक फल और सब्जियांबवासीर में क्या खाएं क्या ना खाएं 35 टिप्स-Diet In Pilesपथरी में क्या खाना चाहिए : किडनी स्टोन में भोजनथायराइड में क्या खाएं और क्या न खाएंडायबिटीज में क्या खाए और क्या नहीं-31 टिप्स-Diabetic Dietखून की कमी (एनीमिया) : कारण, लक्षण और उपायकरेले के जूस के 21 फायदे तथा जूस बनाने की विधिलौकी जूस के बेहतरीन 29 औषधीय गुण

Comments

Popular posts from this blog

हल्दी का इस्तेमाल कर मुहांसों से छुटकारा पाएं By वनिता कासनियां पंजाब Acne Treatment: हल्दी में प्राकृतिक रूप से औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसीलिए हम सदियों से हल्दी का इस्तेमाल अपने खाने की सब्जियों में करते आ रहे हैं। यह खाने के स्वाद को तो बढ़ाती ही है साथ में सब्जी के रंग को बदलने का काम भी करती है। हल्दी का इस्तेमाल हम अपने घरों में फेस पैक बनाने में भी करते हैं। यह फेस पैक मुहांसों को दूर करने में तथा चेहरे के रंग को निखारने का भी काम करता है।बहुत से लोग जैसे-जैसे यौवन अवस्था को प्राप्त करते हैं वैसे ही वह मुहांसों से परेशान होते रहते हैं। ऐसे में कुछ लोग केमिकल बेस्ट एंटी एक्ने प्रोडक्ट का इस्तेमाल भी करते हैं। लेकिन यह केमिकल युक्त होता है और कई बार तो यह चेहरे पर दाग धब्बे भी बना देता है। Acne Treatmentऐसे में यह त्वचा के लिए अधिक नुकसानदायक होते हैं। ऐसे में आप मुहांसों से छुटकारा पाने के लिए आप घरेलू नुस्खे जैसे एलोवेरा और हल्दी का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। हल्दी का इस्तेमाल करके आप फेस पैक बनाएं। हल्दी में एंटीमाइक्रोबियल्स एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं।हल्दी केवल मुहांसों को ही नहीं दूर करता बल्कि यह चेहरे पर दाग धब्बे और मुहांसों के निशानों को भी ठीक करता है। साथ में चेहरे में चमक और सुंदरता भी लेकर आता है। आपने देखा होगा शादियों में जो उबटन बनाया जाता है उसमें भी हल्दी का प्रयोग सबसे अधिक होता है।हल्दी और एलोवेरा का फेस पैकएक कटोरा ले उसमें एक चम्मच हल्दी पाउडर डालें साथ में इसमें एलोवेरा जेल भी मिलाएं। अगर आपके यहां एलोवेरा का पौधा लग रहा है तो उसमें से दो पत्तियां काटकर उसमें से भी आप एलोवेरा निकाल सकते हैं। इन सारी चीजों को अच्छी तरीके से मिक्स कर लें।इस मिश्रण को आप चेहरे और गर्दन पर हल्के हाथों से लगाएं। 15 से 30 मिनट अपने चेहरे की त्वचा पर ऐसा ही लगा रहने दें। इसके बाद इसको ठंडे पानी से धो लें। आप दो से तीन बार एक हफ्ते में इस फेस पैक का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह आपकी मुहांसों को तो दूर रखेगा ही इसके साथ ही चेहरे पर दाग धब्बे और निशानों को भी हटाएगा। साथ में चेहरे को चमकदार और सुंदर भी बनाएगा। Acne Treatmentहल्दी और नींबू का फेस पैकएक कटोरे में एक चुटकी हल्दी पाउडर लें। इसमें एक चम्मच नींबू का रस मिलाएं। इन दोनों को अच्छी तरह मिक्स कर लें इस मिश्रण को मिक्स करने के बाद इसमें हल्का सा पानी मिलाएं। इस मिश्रण को चेहरे के साथ गर्दन पर भी लगाएं। कुछ देर तक इसकी मसाज करते रहें। 15 से 20 मिनट के बाद इसको सादे पानी से धो लें। इसको भी आप 1 हफ्ते में दो से तीन बार इस्तेमाल कर सकते हैं।हल्दी और शहद का फेस पैकएक कटोरी में एक चुटकी हल्दी पाउडर ले। इसमें दो चम्मच शहद मिलाएं। इन दोनों को एक साथ मिलाकर फेस पैक बना लें। इस फेस पैक को आप चेहरे और गर्दन पर आधे घंटे तक लगा रहने दें। आधे घंटे बाद इसे सादे पानी से धो लें। इस फेस पैक को भी आप हफ्ते में दो से तीन बार इस्तेमाल कर सकते हैं।हल्दी और करी पत्ते का इस्तेमाल5 से 6 करी पत्ते लें। इन करी पत्तों को मीठे नीम के पत्ते भी कहते हैं। इनको अच्छी तरह पीस लें। इसमें एक चुटकी हल्दी पाउडर डालें और इसमें कुछ बूंदे पानी की डालें।इन सब का अच्छी तरह पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे के साथ गर्दन पर भी हल्के हाथों से मालिश करते हुए लगाएं। 10 से 20 मिनट तक ऐसा ही लगा रहने दें। इसके बाद इसको सादे पानी से धो लें। हफ्ते में दो से तीन बार इस फेस पैक का इस्तेमाल कर सकते हैं।Vnita

 हल्दी का इस्तेमाल कर मुहांसों से छुटकारा पाएं By वनिता कासनियां पंजाब Acne Treatment : हल्दी में  प्राकृतिक  रूप से  औषधीय  गुण पाए जाते हैं। इसीलिए हम सदियों से हल्दी का इस्तेमाल अपने खाने की सब्जियों में करते आ रहे हैं। यह खाने के स्वाद को तो बढ़ाती ही है साथ में सब्जी के रंग को बदलने का काम भी करती है। हल्दी का इस्तेमाल हम अपने घरों में फेस पैक बनाने में भी करते हैं। यह फेस पैक मुहांसों को दूर करने में तथा चेहरे के रंग को निखारने का भी काम करता है। बहुत से लोग जैसे-जैसे यौवन अवस्था को प्राप्त करते हैं वैसे ही वह मुहांसों से परेशान होते रहते हैं। ऐसे में कुछ लोग केमिकल बेस्ट एंटी एक्ने प्रोडक्ट का इस्तेमाल भी करते हैं। लेकिन यह केमिकल युक्त होता है और कई बार तो यह चेहरे पर दाग धब्बे भी बना देता है।  Acne Treatment ऐसे में यह त्वचा के लिए अधिक नुकसानदायक होते हैं। ऐसे में आप मुहांसों से छुटकारा पाने के लिए आप घरेलू नुस्खे जैसे  एलोवेरा  और  हल्दी  का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। हल्दी का इस्तेमाल करके आप फेस पैक बनाएं। हल्दी में एंटीमाइक्र...

भाग्य बदलने का सूत्र क्या है? By benefits of alum किस्मत चमका देंगे, हर काम बना देंगे... बहुत आसान है यह 10 उपाय, दैनिक जीवन में कुछ उपाय सच्चे मन से किए जाए तो इनका सकारात्मक प्रभाव देखा जा सकता है। आज हम आपको कुछ ऐसे ही छोटे और अचूक उपाय बता रहे हैं, जिन्हें सच्चे मन से करने से आपकी जिंदगी की हर परेशानी दूर हो सकती है। ये उपाय इस प्रकार हैं- 1. रोज सुबह उठकर अपनी हथेलियां देखें रोज सुबह जब आप उठें तो सबसे पहले दोनों हाथों की हथेलियों को कुछ क्षण देखकर चेहरे पर तीन चार बार फेरे। धर्म ग्रंथों के अनुसार, हथेली के ऊपरी भाग में मां लक्ष्मी, बीच में मां सरस्वती व नीचे के भाग (मणि बंध) में भगवान विष्णु का स्थान होता है। इसलिए रोज सुबह उठते ही अपनी हथेली देखने से भाग्य चमक उठता है। सूर्य की आराधना नियमित करें। 2. पहली रोटी गाय को दें भोजन के लिए बनाई जा रही रोटी में से पहली रोटी गाय को दें। धर्म ग्रंथों के अनुसार, गाय में सभी देवताओं का निवास माना गया है। अगर प्रतिदिन गाय को रोटी दी जाए तो सभी देवता प्रसन्न होते हैं और आपकी हर मनोकामना पूरी कर सकते हैं। 3. चीटियों को आटा डालें अगर आप चाहते हैं कि आपकी किस्मत कम समय में चमक जाए तो रोज चीटियों को शक्कर मिला हुआ आटा डालें। ऐसा करने से आपके पाप कर्मों का क्षय होगा और पुण्य कर्म उदय होंगे। यही पुण्य कर्म आपकी मनोकामना पूर्ति में सहायक होंगे। 4. देवताओं को फूलों से सजाएं घर में स्थापित देवी-देवताओं को रोज फूलों से सजाना चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि फूल ताजे ही हो। सच्चे मन से देवी-देवताओं को फूल आदि अर्पित करने से वे प्रसन्न होते हैं व व्यक्ति के जीवन की हर परेशानी दूर कर सकते हैं। स्नान करने के बाद तोड़े गए फूल ही भगवान को चढ़ाना चाहिए, ऐसा नियम है। 5. सुबह करें झाड़ू-पोंछा घर को हमेशा साफ-स्वच्छ रखना चाहिए। रोज सुबह झाड़ू-पोंछा करें। सूर्यास्त के बाद झाड़ू-पोंछा नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से मां लक्ष्मी रूठ जाती हैं और व्यक्ति को आर्थिक हानि का सामना भी करना पड़ सकता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, जो व्यक्ति सूर्यास्त के बाद झाड़ू-पोछा करता है, देवी लक्ष्मी उस घर में निवास नहीं करती और वहां से चली जाती हैं। 6. मछलियों को आटे की गोलियां खिलाएं अपने घर के आस-पास कोई ऐसा तालाब, झील या नदी का चयन करें, जहां बहुत सी मछलियां हों। यहां रोज जाकर आटे की गोलियां मछलियों को खिलाएं। मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का यह बहुत ही अचूक उपाय है। नियमित रूप से जो यह उपाय करता है, कुछ ही दिनों में उसकी परेशानियां दूर होने लगती हैं। 7. माता-पिता का आशीर्वाद लें रोज जब भी घर से निकले तो उसके पहले अपने माता-पिता और घर के बड़े बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लें। ऐसा करने से आपकी कुंडली में स्थित सभी विपरीत ग्रह आपके अनुकूल हो जाएंगे और शुभ फल प्रदान करेंगे। माता-पिता के आशीर्वाद से आप पर आने वाला संकट टल जाएगा और आपके काम बनते चले जाएंगे। 8. पीपल पर जल चढ़ाएं रोज सुबह स्नान आदि करने के बाद पीपल के पेड़ पर एक लोटा जल चढ़ाएं। पीपल में भगवान विष्णु का वास होता है। रोज ये उपाय करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और शुभ फल प्रदान करते हैं। इस पेड़ का महत्व इसी बात से जाना जा सकता है कि अर्जुन को गीता को उपदेश देते हुए भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं को पेड़ों में पीपल बताया था। 9. घर खाली हाथ न जाएं बाहर से जब भी आप घर में प्रवेश करें तो कभी खाली हाथ ना जाएं। घर में हमेशा कुछ ना कुछ लेकर प्रवेश करें। चाहे वह पेड़ का पत्ता ही क्यों न हो। 10. पत्नी व बच्चों को खुश रखें अक्सर घर या बाहर के तनाव में अनजाने में हम सबसे ज्यादा प्रता‍ड़ित अपने परिवार को करते हैं। लेकिन याद रखें पत्नी और बच्चों की आंख में आंसू अगर आपकी वजह से आते हैं तो तरक्की के रास्ते बंद हो जाते हैं। अत: परिवार को खुश रखना ही सबसे सटीक उपाय है सफल और खुश होने का। स्रोत गूगल जवाब पढ़ने के लिए धन्यवाद आपका 🙏

  भाग्य बदलने का सूत्र क्या है? By benefits of alum  किस्मत चमका देंगे, हर काम बना देंगे... बहुत आसान है यह 10 उपाय, दैनिक जीवन में कुछ उपाय सच्चे मन से किए जाए तो इनका सकारात्मक प्रभाव देखा जा सकता है। आज हम आपको कुछ ऐसे ही छोटे और अचूक उपाय बता रहे हैं, जिन्हें सच्चे मन से करने से आपकी जिंदगी की हर परेशानी दूर हो सकती है। ये उपाय इस प्रकार हैं- 1. रोज सुबह उठकर अपनी हथेलियां देखें रोज सुबह जब आप उठें तो सबसे पहले दोनों हाथों की हथेलियों को कुछ क्षण देखकर चेहरे पर तीन चार बार फेरे। धर्म ग्रंथों के अनुसार, हथेली के ऊपरी भाग में मां लक्ष्मी, बीच में मां सरस्वती व नीचे के भाग (मणि बंध) में भगवान विष्णु का स्थान होता है। इसलिए रोज सुबह उठते ही अपनी हथेली देखने से भाग्य चमक उठता है।  सूर्य की आराधना नियमित करें । 2. पहली रोटी गाय को दें भोजन के लिए बनाई जा रही रोटी में से पहली रोटी गाय को दें। धर्म ग्रंथों के अनुसार, गाय में सभी देवताओं का निवास माना गया है। अगर प्रतिदिन गाय को रोटी दी जाए तो सभी देवता प्रसन्न होते हैं और आपकी हर मनोकामना पूरी कर सकते हैं। 3. चीटियों को आटा ड...

खजूर खाने के फायदे और नुकसान: जाने खजूर की एश्लियत By वनिता कासनियां पंजाब ? बाल वनिता महिला वृद्ध आश्रमकई बार ऐसा होता है की हम खजूर के पेड़ के पास खड़े होते है और खजूर ऊपर से गिरकर आता है, खजूर को हम मेवें और फल की तरह उपयोग कर सकते है, कहा जाता है की खजूर के पेड़ की तरह नही बल्कि खजूर के फल की तरह बनो, ऐसा इसलिए कहा जाता है की खजूर का फल हमारे लिए बहुत लाभकारी और गुणकारी होता है जो की हमारे शरीर को बहुत से लाभ देता है ।इसीलिए हमको खजूर के फल अवश्य खाना चाहिए और वैसे भी खजूर का फल बहुत स्वादिष्ट होता है जिसको खाने से हमारे मुंह का स्वाद बढ़ जाता है इतना मीठा फल खाने से बहुत अच्छा लगता है।मुस्लिम समुदाय के लोगो के लिए खजूर का फल एक बहुत उपयोगी है खजूर के फल को मुस्लिम वर्ग बहुत मान्यता देते है ऐसा इसीलिए क्योंकि मुस्लिक वर्ग अपने रमजान को खोलने के लिए खजूर का उपयोग करते है।खजूर स्वाद की दृष्टि से तो अच्छा होता ही है और साथ में खजूर हमारे शरीर को तुरंत ऊर्जा देने के और स्फूर्ति देने के लिए बहुत लाभदायक है।खजूर खाने के फायदे :-1: खजूर का फल ह्रदय के मरीजों के लिए बहुत लाभकारी हो सकता है, आपको बता दूं की खजूर में पोटेशियम पाया जाता है जो की हमारे दिल को स्वस्थ्य बनाने के लिए बहुत लाभकारी होता है, इसीलिए जो लोग ह्रदय रोग से पीड़ित है वह खजूर की सहायता से ह्रदय रोग में लाभ पा सकते है।2: एनीमिया रोग हमारे शरीर से लाल सेल्स कम होने की वजह से होता है और हमारे शरीर में खून की कमी हो जाती है, खजूर में आयरन की मात्रा अधिक होती है जो की आपके शरीर में खून की मात्रा को बढ़ाता है और आपको ऊर्जा प्रदान करता है, इसीलिए अगर आप एनीमिया रोग से पीड़ित है तो आप खजूर का उपयोग कर सकते है।3: खजूर में फाइबर अधिक मात्रा में पाया जाता है और यह हमारे शरीर में बहुत जल्दी घुल जाता है जो की हमारे कब्ज की समस्या को ठीक करने के लिए बहुत लाभकारी है, आपको इसके लिए रात को खजूर भीगो कर रख देना है और सुबह खजूर और खजूर के पानी को पी लीजिए इससे आपको कब्ज की समस्या से राहत मिलती है।4: खजूर में कैल्शियम की मात्रा बहुत अधिक होती है जो की आपके शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरा करने के साथ साथ हमारे शरीर की हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है इसीलिए बच्चो को खजूर का सेवन अवश्य करना चाहिए।

खजूर खाने के फायदे और नुकसान: जाने खजूर की एश्लियत By वनिता कासनियां पंजाब ? बाल वनिता महिला वृद्ध आश्रम कई बार ऐसा होता है की हम खजूर के पेड़ के पास खड़े होते है और खजूर ऊपर से गिरकर आता है, खजूर को हम मेवें और फल की तरह उपयोग कर सकते है, कहा जाता है की खजूर के पेड़ की तरह नही बल्कि खजूर के फल की तरह बनो, ऐसा इसलिए कहा जाता है की खजूर का फल हमारे लिए बहुत लाभकारी और गुणकारी होता है जो की हमारे शरीर को बहुत से लाभ देता है । इसीलिए हमको खजूर के फल अवश्य खाना चाहिए और वैसे भी खजूर का फल बहुत स्वादिष्ट होता है जिसको खाने से हमारे मुंह का स्वाद बढ़ जाता है इतना मीठा फल खाने से बहुत अच्छा लगता है। मुस्लिम समुदाय के लोगो के लिए खजूर का फल एक बहुत उपयोगी है खजूर के फल को मुस्लिम वर्ग बहुत मान्यता देते है ऐसा इसीलिए क्योंकि मुस्लिक वर्ग अपने रमजान को खोलने के लिए खजूर का उपयोग करते है। खजूर स्वाद की दृष्टि से तो अच्छा होता ही है और साथ में खजूर हमारे शरीर को तुरंत ऊर्जा देने के और स्फूर्ति देने के लिए बहुत लाभदायक है। खजूर खाने के फायदे :- 1: खजूर का फल ह्रदय के मरीजों के लिए बहुत लाभकारी हो स...